Farmers Protest : नोएडा अथॉरिटी द्वारा भूमि अधिग्रहण के संबंधी उचित मुआवजा तथा विकसित भूखंड न मिलने से नाराज किसानों का आक्रोश एक बार फिर फुट पड़ा है । अथॉरिटी का पूरी तरह घेराव करने और अपनी मांगें मनाने के लिए किसानों ने एक विशाल महापंचायत आयोजित की है। इस महापंचायत के जरिए से किसान आगे की योजनाएँ बना रहे हैं ताकि प्रशासन पर अपनी मांगों को लेकर संपूर्ण दबाव डाला जा सके। क्यों गुस्से में हैं नोएडा के किसान? किसानों की नाराजगी की मुख्य वजह जमीन अधिग्रहण नीति के तहत मिलने वाले लाभों का न मिलना है। किसानों का कहना है कि नोएडा विकास प्राधिकरण ने उनकी उपजाऊ जमीनें ले लीं, लेकिन जो वादे किए गए थे वे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। प्रमुख मांगों में बढ़ा हुआ मुआवजा और आवासीय प्लॉटों का आवंटन करना शामिल है। वर्षों गुजर जाने के बाद भी इन समस्याओं का कोई स्थायी हल नहीं निकाला गया है। घेराव से पहले महापंचायत रणनीति अथॉरिटी के कार्यालय को चारों ओर से घेरने की बड़े ऐलान से पहले किसानों ने यह पंचायत आयोजित की है। इस बैठक में अलग अलग गांवों के किसान नेता और सैकड़ों ग्रामीण शामिल हैं। किसान नेताओं का कहना है कि प्रशासन केवल आश्वासन देता है, लेकिन वास्तविकता में कोई कार्रवाई नहीं की जाती । इसलिए अब बिना ठोस लिखित समझौते के आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन के फूले हाथ-पांव किसानों की इस सख्त स्थिति और महापंचायत की सूचना मिलने पर नोएडा प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह चौकस हो गया है। कानून व्यवस्था को बनाए रखने और अथॉरिटी परिसर की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। अधिकारी लगातार किसान नेताओं से बातचीत कर मामले का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन किसान अब पीछे हटने के लिए राजी नहीं हैं। ये भी पढ़े : क्यों अब भी खुले हैं गड्ढे? प्रशासन की एक और लापरवाही से गड्ढे में समाई कैब